हिन्दी
को: फिर वही रात रोशनी लेके आई
हुआ है फिर से नया एक सवेरा
मिली है जिन्दगी की वह सुहानी राहे
चले जाएं हम वहा, जहा मसीह है मेरा
फिर वही रात
1. ठंडी -- ठंडी बहती चली ये हवाएं
मीठी -- मीठी नींद में किसे है सुलाए
हट गये मन के वह सारे अंधेरे
उजालों के गीत हम सभी को सुनाएं
गाए जिंदगी की खुशी के तराने
उठ चला अंधियारों का जो पडा था डेरा
मिली है जिन्दगी .........!
2. उंची, उंची रागों मे गाती लहर है
रोशनी में डुबी यह सारी डगर है
देखो मसीह आया मेरा हम सफर है
उसी से सबको टिकती नजर है
देखो ना यह मौसम थी गाता महकता
महकता मन है जैसा तेरा और मेरा
मिली है जिन्दंगी की वह .....!