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आता हूँ मैं, तेरी हुज़ूरी में
लेकर धन्यवादों की भेंट
आता हूँ मैं, तेरे चरणों में
अर्पण करने, मेरे होठों के फल
मैं हूँ बलवान, तेरी हुज़ूरी में,
क्यूँकि तू है, मेरा गीत,
और मेरा बल…
जहाँ तेरी रूह है, वहां है आज़ादी
अब भरदे, अपनी रूह से,
ओ मेरे प्यारे प्रभु…..