Shok bhara marubhoomi ke - Azhalerum Jeevitha

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शोक भरा, मरुभूमि के जीवन में क्या तुम थके हुए हो, ए मेरे यारा -2 1. पावन है वह, जो तुझे बुलाया आंख कि पुतली जैसे, संभालेगा -2 अंतिम समय तक, वह न फिसलेगा अपने हाथों में, तुझे थामेगा -2 2. काली-घटी बादल, आएं तो भी इन्द्रधनुष, क्या तुम देखे नहीं -2 उसका खतरा देखकर, न कर चिन्ता संकट हटाके, वह लाड़ करेगा -2 3. मरु-स्थल, के सफ़र में, आश्रय रखने है एक , अच्छा नायक, तेरे लिए -2 पूरा करेगा, जरूरतों को थकना मत, यात्रा तुम, जारी रखो -2 4. कड़वा जल, भले ही, पीना पड़े आज्ञा जैसा तू, जीना, चाहिए -2 ना सोंपेगा, शत्रु के हाथों में स्वर्गीय नगर, पहुंचाएगा तुझे -2