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स्तुतियों में विराजमान प्रभु तू
सारे महिमा के योग्य प्रभु
गावूंगा तेरी दया के गीत को
पृथ्वी पर मेरे इस यात्रा में
परदेशी होकर वास करता घर में
तेरे विधियों है मेरा भजनगीत
मेरा भरोसा तुझ पर है सदा
क्लेशो को भूलकर में आगे ही दौड़ता हू
आसुवों देखने पर दया दर्शाता
दया की आंखे रखता प्रभु तू
मेरा प्रभु मेरा अटल चट्टान तू
तुझपर ही आसरा मेरे उधार के हित
प्रलोभनो और प्रतिकूल परिस्थिति
विश्वास जीवन में आशेप करने पर
विश्वास का करता तुझको ही देखकर
विश्राम के बिना में आगे को दोदता हु