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ये जीवन है क्या तेरे बिना मसीहा ... (2)
मार्ग ढूंढता हूँ जिसमे के तू चलाए … (2)
ये जीवन है क्या...
कुछ मेरे दिल ने सोचा
फिर मेरे दिल में जागा … (2)
अर्पण मैं करता हूँ तुझ को
जीवन मेरे मसीहा
ये जीवन है क्या...
अब दिल की चाहत यही है
तुझ में ही डूबा रहूँ मैं … (2)
मिलता रहे साथ तेरा
और कृपा महान
ये जीवन है क्या...