हिन्दी
१. यीशु है मेरी पनाह, वो ही मेरी चट्टान
लंगर में डालता उसमे, जिस वक्त आ घेरते तूफान
२. दुनिया के इस सफर मे , फिक्रों का होता जब शोर
यीशु एक ही झिड़की से, तोडता सब आंधी का जोर
३. दुःख से जब हूँ परेशान, तब जाना चाहता हूँ पार
तब उसका उम्दा कला, रोशिनी का होता मीनार
3 मुझे है पूरा यकीन पहूंचूँगा एक दिन किनार
सुनहरे साहिल पर मैं पाऊँगा उसका दीदार