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जिन्दगी मेरी बदल गई
जब से मसीह को पाया है
खिल गई है कलियां नई
यीशु बहार लाया है
जीवन है क्या, पल ही दो पल का
किसने है जाना, होगा क्या कल का
घड़ियां सुनहरी, फिर न लौटेंगी … (2)
मुक्ति और जीवन वो लाया है,
जिन्दगी मेरी…
मार्ग में हमारे, वो दर्शक रहेगा,
कदम डगमगाये, तो हाथ वो थामेगा
भटके हुओं को, राह दिखाने … (2)
इस धरती पर वो आया है
जिन्दगी मेरी…
जीवन की रोटी और अमृत जल को,
कैसी भरपूरी से, देता वो हमको
लहूँ बहकर पाप हमारा … (2)
यीशु ने मिटाया है
जिन्दगी मेरी…