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अणगिणत भलाई मुझपर
करुणा तेरी स्मरण करू
धन्यवाद् के सिवाय पिता
नहीं जुबां पे कोई और बयान
स्तुति के सिवाय आए पिता
नहीं जुबां पे कोई और बयान
तेरे प्रेम को याद करू, कृपा स्मरण करू
कैसे तेरी स्तुति न करू, तेरी करुणा याद करू
बलिदान पर सोचु, कैसे तेरी स्तुति न करू
मेरे यीशु, मेरे यीशु
इस नाचीज़ से तूने हैं प्रेम किया
अपना जीवन को कुर्बान किया
धन्यवाद् के सिवाय पिता
नहीं जुबां पे कोई और बयान
स्तुति के सिवाय आए पिता
नहीं जुबां पे कोई और बयान;- तेरे प्रेम...
भर आती हैं आँखे मेरी
कलवारी के प्रेम जब याद करू
धन्यवाद् के सिवाय पिता
नहीं जुबां पे कोई और बयान
स्तुति के सिवाय आए पिता
नहीं जुबां पे कोई और बयान;- तेरे प्रेम...