मेरे गीतों का विषय, तू मेरी आराधना,

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मेरे गीतों का विषय, तू मेरी आराधना, तेरी महिमा मुझ से होवे, यह मेरी है कामना (2) 1. तुझको मैंने मेरे प्रभु जी, जब से पाया है, तेरे अनोखे प्रेम के आगे, शीश झुकाया है, तेरी महिमा गाने को जो साज़ उठाया है, गीतों में नया जीवन मेरे तब से आया है, मेरे जीवन का हर-पल अब तेरा, तू ही मुझको थामना तेरी महिमा मुझ से होवे..... 2. तेरा वचन जो राहों में मेरे, दीप सा जलता है, मेरे जीवन का हर पहलू, उसमें ढलता है, तेरे वचन के द्वारा मुझको साहस मिलता है, वह तो कभी न भटकेगा, जो उन पर चलता है, तेरे वचन को थामे रहूँ, यह मेरी है साधना तेरी महिमा मुझ से होवे..... 3. वक्त चुनौती देकर पूछे, तुमसे बारम्बार, यीशु मसीह को बनाया तुमने, जीवन का आधार, सोचना होगा हर प्राणी को, क्या वह है तैयार, देखो शायद कल न आए, करना न इनकार, एक दिन करना होगा सबको उसका सामना तेरी महिमा मुझ से होवे.....