Apni aankhe salib - Rekshitavine kanka

हिन्दी

1 अपनी आँखें सलीब पर उठा, तेरे लिए मसीहा कफ़ारा हुआ। (×2) 2.क़लवरी के पहाड़ पर तू देख, पैरों को मिलाकर कीलों में लटकाया। 3.अपने ध्यान को लगाए हुए, आंतरिक आँखों से अब उस सलीब को तू देख। 4.पाप में जीवन बिताने वाले, तेरे खातिर मसीह ने प्राण अपनी दी। 5.अब आजा मन से यीशु के पास, मन की झूठों को दूर कर, पूरे मन से आ। 6.पूरे तन-मन प्रभु को तू दे, माँ से गहरा दुलार से चलाएगा तुझे।