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यीशु तुम्हें जीवन में शान्ति देता है,
फिर तुम क्यों जीवन में अशांत रहते हो
१. जीवन के अंधियारे में ज्योति देता है - २
फिर तुम क्यों जीवन में अशांत रहते हो
यीशु तुम्हें जीवन..
२. जीवन की निराशा में आशा देता है - २
फिर तुम क्यों जीवन में अशांत रहते हो
यीशु तुम्हें जीवन..
३. जीवन के राहों में क्यों भटकते हो - २
फिर तुम क्यों जीवन में अशांत रहते हो
यीशु तुम्हें जीवन..