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आज जन जीवन में छाई उमंग रे
लिया मसीह ने अवतार
1. नदियां मगन हों, गाना सुनाती
पर्वत मिलात है राग
जंगल है गाते उॅंचे स्वरों में
जागे है मानव के भाग्य
सागर के गरजन में सुनों रे लोगो
येशू का जय जयकार
2. घर घर में खुशियों के दिपक जले है
भागा अंधेरे का राज
बालक, युवक वृध्द है गाते
झनक उठे है साज
आनन्द से मानव का मन है मगन
लिया मसीह ने अवतार
3. तारे है जलते मानव भाग्यपर
खुला है नीला आकाश
पृथ्वी है हर्षित पाकर मसीह को
आया जहॉं में प्रकाश
कैसा सुहावना बहारो का रंग रे
लिया मसीह ने अवतार