बादलों पे उसकी आवाज़ गरजे

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बादलों पे उसकी आवाज़ गरजे पानियों पे उसका जलाल बारेस आओ पाक दिलों से सजदा खुदवंद को सजदा करें कुद्रट वाली है आवाज़ उसकी -3 आग के शोलों को है वो चीरती-3 टुकड़े-2 बियबानों को उसका कलाम कर हैकल में सब कहते हैं जलाल तेरा जलाल-2 आए जो वहाँ से खुदा की आवाज़ गिर जाए हमाल हिरनी के तो पेड़ों के पत्ते झदें ताक़त- नासहीन है हमेशा खुदा तूफ़ानों में भी है वो अपनी जगह अपने लोगों को क़ुवात से कुद्रट से भरता रहे