अनुग्रह कारी प्रिय प्रभुजी तेरे शरण में हम आते है

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अनुग्रह कारी प्रिय प्रभुजी तेरे शरण में हम आते है तन मन धन तुझको भेट चढाते करते तुझको शाष्टांग प्रणाम..... 1.हर दिन तू मुझे आशिष देता गिरने मुझको बचाके तू रखता...2. जीवन के इस लम्बे सफ़र में तेरा वचन ही राह दिखाता.2. 2. संकट क्लेश तो आते रहेंगे, पर तेरा अनुग्रह काफी है हर पल..2 हम तेरे कामो में चलते रहेंगे जीत हमारी होगी आखिर जरूर..2 3.सेवा येशु से हमको मिली है मिट्टी के बर्तन लेकिन खजाना है स्वर्ग का...2 टूट जाए तो भी परवा नहीं है महिमा हम तुझको देते रहेंगे...2..