उपकार की भेटें अपनी़, प्रभु को चढ़ाना है।

हिन्दी

उपकार की भेटें अपनी़, प्रभु को चढ़ाना है। 1. जो भी हमारा प्रभु का सारा़, जिसका उसको देना है, भण्डारी हम प्रभु के जग में, दसवां ही लौटाना है। प्रभु को.... 2. ख्रीष्ट यीशु ने स्वर्ग को त्यागा़, हम को प्रेम दिखाना है़, हिस्सा दो प्रभु को जो कुछ हो़, निज भेंटे भी लाना है। प्रभु को.... 3. ईश्वर की है कृपा भारी़, हमको धन्य मनाना है, सारा जीवन दे दो प्रभु को़, तब आशिषें पाना है। प्रभु को...