प्रार्थना की आत्मा उंडेल,

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प्रार्थना की आत्मा उंडेल, प्रार्थना प्रार्थना करें | १. स्तुति बलि, दीन प्रार्थना, हर पल हमें चढाना है | २. उपवास और त्याग कर के, हर दिन विनती करना है | ३. खुले द्वार पर खड़े हो कर, देश के लिए हमें रोना है | ४. घुटने सभी टिकना है, आँखे सभी नम होना है |