धन्यवाद

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धन्यवाद प्रभु धन्यवाद-2 धन्यवाद यसू जब झील से पहाड़ पे गया आँख उठा के उसने बड़ी भीड़ को देखा शागिर्द कहने लगे दिन है ढाल गया रुखसत करो उनको जाने दो खुदा यसू ने कहा इनको खाने को दो कितना है तुम्हारे पास, कहने लगे वो पाँच रोटी, दो मच्चलियान-2 धन्यवाद प्रभु, धन्यवाद पाँच हज़ार लोगों को हम कैसे खिलाएँ कितने सौ डिनर की हम रोटी मंगाएँ डरते डरते फिर मगर किसी ने ये कहा है यहाँ पे एक लड़का जिसके पास हैं पाँच रोटी, दो मच्चलियान-2 धन्यवाद प्रभु धन्यवाद घास पे यसू मसीह ने सबको बिताया रोटियाँ ली शुक्र किया, बाँट दो कहा पेट भर के सबने खाया ख़त्म ना हुआ हो गये हैरान सारे, देख मोज्ज़ात बाराह टोकरी, बच गयी जहाँ थी पाँच रोटी, दो मच्हलियान-2 धन्यवाद प्रभु धन्यवाद जीवन की रोटी के साथ खड़े थे विश्वास कम था इसलिए वो डरे थे यसू के हाथों में दे दो हर बात शक ना करो, करते रहो सिर्फ़ धन्यवाद कुछ भी कमी ना रह जाएगी महिमा प्रभु की हो जाएगी धन्यवाद प्रभु धन्यवाद