ये है ईसा की शान -10

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ये है ईसा की शान -10 डाले मुर्दों में जान -2 ये है ईसा की शान -2 डाले मुर्दों में जान -2 ये है ईसा की शान -2 वो लाडले, खुदा के, अनोखे रसूल हैं -2 नबियों के गुलिस्ता के, वो ख़ुशरंग फूल हैं -2 उनको खुदा ने बख्शा है, वो ऊँचा मर्तबा -2 दुखियों को गम से आप, छुड़ाते रहे सदा -3 इक दिन किनारे झील के, जब आप थे खड़े कुछ लोग और भीड़, लगाए वहां पे थे -2 उस दिन हुआ था देखो, अजब ऐसा वाक्या सुनिए इबादतखाने का, सरदार जो कि था -2 याईर नाम एक शख्स, वहां आया दौड़कर रोने लगा वो ईसा के, क़दमों को थामकर -2 क्या कहने लगा ये याईर, हालाँकि ये एक बहुत बड़ा अधिकारी था, और उसकी बच्ची जो बीमार थी, उस बच्ची पर इसका बहुत प्यार था, और ये याईर नाम का एक शक्स ईसा मसीह के पास आकर ये कहते हैं... देखिये... मरने के है करीब मेरी बेटी देखिये -2 अब हाथ चल के रखिये, और उसे अच्छा कीजिये अब हाथ चल के रखिये, उसे अच्छा कीजिये -2 मुश्किल में सबके आप ही बस, काम आते हैं -2 ओ मेरे मसीह मुश्किल में सबके आप ही बस, काम आते हैं कहते हैं लोग, आप ही मुर्दे जिलाते हैं तो ये है ईसा की शान... ईसा जब उसके... ईसा जब उसके साथ चले, लोग भी चले -2 कुछ दूर ही चले थे, कि पीछे से आपके -2 एक औरत आई, आपके दामन को छू लिया... एक औरत आई, आपके दामन को छू लिया -2 अपनी दिली मुराद से, दामन को भर लिया -2 होता था खून जारी उसे, 12 साल से, तंग आ गई थी खूब, हकीमों की चाल से -3 उसको यकीन और, भरोसा ये हो गया, पोशाक इनकी छू के, मैं पा जाऊँगी शिफा -3 मुश्किल से उसको देखिये, वो मौका हुआ नसीब बीमार आए अपने, मसीहा के अब करीब -3 दामन वो छू के उनका, शिफ़ायाब हो गई कंकर से आज गोहरे नायाब हो गई -3 जैसे ही उसने आपका, दामन छुआ यहाँ देखा पलट के हज़रत-ए-ईसा ने कहा -2 वो लाडले, खुदा के थे, मालूम हो गया दामन मेरा ज़रूर, किसी ने है छू लिया -3 ईसा की सिम्त देख के, औरत लरज़ गई गलती पे अपनी देखिये, शर्मिंदा हो गई -3 आगे बढ़ी और ईसा के आगे वो गिर पड़ी रो रो के सारा हाल, वो अपना बयान की -3 ईसा ने हाल सुनके कहा, उस ग़रीब से तूने भरोसा मुझपे किया, है नसीब से -3 जा, उम्र भर न अब तू कोई गम उठाएगी -3 तेरी... ये ज़िन्दगी तू अपनी ख़ुशी में बिताएगी तो ये है ईसा की शान... नाम जब ईसा मसीह का मुंह से निकल जाता है, तो दर्दमंदों का कलेजा भी दहल जाता है -2 उनकी गम में हर इंसान बहाता है आँसू, मोम क्या चीज़ है, पत्थर भी पिघल जाता है अब आगे सुनिए हाल वो सरदार का ज़रा -2 कुछ लोग उसके घर से वहां आए और कहा -3 सरदार तेरी बेटी तो, अब मर गई है चल अब भीड़ तेरे घर पे, बहुत बढ़ गई है चल -3 ईसा ने साथ पतरस, याकूब को लिया यूहन्ना से भी आपने, चलने को फिर कहा -3 सरदार के मकां पे, बहुत भीड़ थी लगी ईसा ने सबसे कह दिया, बच्ची नहीं मरी -3 ये बात सुनके हँसने लगे लोग सब वहां बाहर निकाला सबको, हुआ खाली जब मकां -3 ईसा वहां पे आए, वो लड़की थी जहाँ लड़की का हाथ थाम कर, वो बोले उस घड़ी -3 मैं तुझसे कह रहा हूँ -3 कि उठ जा ऐ लाडली -2 मैं तुझसे कह रहा हूँ, कि उठ जा ऐ लाडली फिर फ़ौरन लड़की जिंदा, उसी वक़्त हो गई तो ये है ईसा की शान...