हिन्दी
मसीहा तेरे दर की
बस यही तो बात देखी है
बख्शता सबको है तू
ऐसी तेरी ज़ात देखी है
झुका के सर को
जो भी माँगता है तुझसे ऐ मसीह
तेरी नज़र-ए-करम की सब पे ही
बरसात देखी है
दुआएँ जब भी करी, जब भी -2
सिर झुकाया है
दुआएँ जब भी करी,
जब भी, सिर झुकाया है -8
मुझे आमीन में तेरा -2
जवाब आया है
मुझे आमीन में तेरा,
जवाब आया है
तू ही तो अफ़ज़ल-ओ-आ'ला,
है दीन-ओ-दुनियां में -3
कि जबसे तुझको है पाया -2
खुदा को पाया है
कि जबसे तुझको है पाया,
खुदा को पाया है
मेरी निगाह में जँचता,
नहीं है कोई भी -3
हर नज़ारे में मुझे तू -2
ही नज़र आया है
हर नज़ारे में मुझे तू,
ही नज़र आया है
जब तुझे याद किया मैंने,
सख्त हालों में -3
मेरी मदद को मेरे यीशु -2
तू ही आया है
मेरी मदद को मेरे यीशु,
तू ही आया है
करम की एक नज़र उठी,
तो ज़िन्दगी बदली -3
न कोई था, न तेरे बाद -2
कोई आया है
न कोई था, न तेरे बाद,
कोई आया है
तू ही तो ज़िन्दगी देता है,
ऐ रहीम-ओ-करीम -3
तेरे करम का इनायत (गीतकार) -2
के सर पे साया है
तेरे करम का इनायत (गीतकार)
के सर पे साया है
दुआएँ जब भी करी
जब भी सिर झुकाया है
तू ही तो ज़िन्दगी देता है,
ऐ रहीम-ओ-करीम -3
तेरे करम का मेरे -2
सर पे साया है
तेरे करम का मेरे
सर पे साया है
दुआएँ जब भी करी
जब भी सिर झुकाया है