देने को, कुछ भी नहीं,

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देने को, कुछ भी नहीं, मेरा तो, है कुछ नहीं आया हूँ, लेकर खाली हाथ, देता हूँ, खुद को मैं आज करूँ मैं आराधना, आराधना, करूँ मैं आराधना, आराधना सब कुछ तो, तेरा ही है, मेरा तो, है कुछ नहीं जो कुछ है, सब है तेरा ही दान, करता हूँ, मैं खुद को क़ुर्बान करूँ मैं आराधना... साँसें जो, तूने दी हैं, धड़कने, तूने दी हैं घुटनों पर, मैं गिर कर कहूँ, तेरे बिन मैं न जी सकूँ करूँ मैं आराधना... सर मेरा, झुकाता हूँ आज, खुद को मैं, देता हूँ आज मुख के बल, मैं गिर कर आज कहता हूँ यही बार-बार करूँ मैं आराधना...