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आँख से दूर सही,
दिल में बसा रहता है
मेरी हस्ती में,
मेरा जिंदा, खुदा रहता है -2
आँख से दूर सही
वो जलाली है, जलाल उसका,
नुमायाँ हम में -3
उस मसीहा का मसह,
हम में, बना रहता है -2
आँख से दूर सही
क़ुदरत ए आदम-ए-सानी का,
खलासा है सलीब -3
सरमदी चश्मा ए रहमत तो,
खुला रहता है -2
मेरी हस्ती में,
मेरा जिंदा, खुदा रहता है...
पूरे इल्हाम की बरसात,
भिगोए दामन -3
कतरे कतरे को,
तरसना क्यों लगा रहता है -2
मेरी हस्ती में,
मेरा जिंदा, खुदा रहता है...