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नाराज़गी में करे तू देरी
प्यार से ढाँके मेरी गलतियाँ
रखे मुझको अपने पंखों तले
हर आंधी में, हर तूफान में
जैसा भी मैं था मुझे अपना लिया
तू ही है मेरा सहायक पिता
तेरी दया कभी कम ना होगी
रखता ना तू मेरे पापों का हिसाब
अनजान था तुझसे तब भी किया तूने प्यार
मेरा हृदय तूने है खोला
गुनाहों में मुझे कभी ना तौला
बाहें पसारे तू खड़ा रहा
करता था मेरा इंतज़ार
मेरी हर आरज़ू तुझसे जुड़ी
करुणा का सागर तू अपार
मैं काबिल ना था
मुझे काबिल किया
मुझे बेटा कहा और
अपनी बाहों में लिया