Bharat

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जहा थी खुश्बू प्यार की कहाँ से आई नफ़रत की तलवार जहा रहते थे साथ मिलके कहाँ से आई जात धरम की दीवार यीशु ने सिखाया, करो तुम, दुश्मनो से भी प्यार है ये मेरी ही दुआ, सलामत रखना, भारत को ए खुदा है ये दुआ जब कहीं बहता है लहूँ, हाँ वहीं बहते है आँसू हर तरफ छाया हुआ है मातम जो थे अपने वो बन गए दुश्मन जो दे काँटे, उसका दामन फूलों से भरदो ... (2) है ये मेरी ही दुआ, सलामत रखना, भारत को ए खुदा है ये दुआ आओ मिलकर हम, बनायें ज़िंदगी अंधेरी रातों में, जलायें रोशनी … (2) रोशनी