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डर ही नहीं है अब मुझ मे कोई
है हाथों मे उसके ये जीवन मेरा
छू ना सकें अब निराशा मुझे
आशाओं में हर दिन बढता जाऊं
यहोवा ही मेरा खुदा है,
युग युग का तू ही खुदा
यहोवा ही आसरा है,
युग युग मे तू आसरा
वो ऊंघता नहीं, करे ना विश्राम
इसराइल का रखवाला है वो
मृत्यु का डर अब है मुझमें नहीं
शत्रु का भय सब है दूर हुआ
मृत्यु पर जयवंत वो, शत्रु पर विजयी वो
अपरंपार है महिमा तेरी;-
हो दूर मुझसे हार सभी
बीमारीयां दुख सब दूर हटे
जयवंत है वो, चंगाई देता वो
सवॄशकितमान है रक्षक मेरा;-