Ek baarish ki tarah

हिन्दी

एक बारिश की तरह, एक अग्नि के समान या गिर जाए मुझपे, एक चादर क समान हो दुगना, और ताज़ा हो अभिषेक, आज मुझपे हो दुगना, दुगना, पहलेसे ज़्यादा, ज़्यादा हो अभिषेक, आज मुझपे अभिषेक कर दे, मुझे तेरी रूह से की मई बन साकु, हू-बा-हू तेरे जैसे तेरी नज़रों से मई देख साकु, तेरी बातों को मईसुन्न साकु एक ऐसी कृपा, कर दे मुझपे येशू