El Shaddai El Shadai

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एल शदाई ...6 तुझसा ना कोई ..2 अनुग्रही तू, सामर्थी है तू विश्वास योग्य, सदा प्रभु तू तू ना बदलता, सदा निरन्तर महिमा के योग्य, तू ही है असंभव को तू , करता है संभव अग्नि और बादल बनकर चलता चटटान बनकर, मुझे बचाता गाऊ तेरी... महिमा सदा