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हे पाताल है मृत्यु
तेरी जय है कहाँ
मेमने का लहू
भक्तों का आसरा
नाशक गया है अब पार
जय का घोषणा
उल्हास का घोषणा
भक्तों के डेरा में
सर्वदा नए गीत
महिमा का राजा
सेनाओं का प्रभु
आसरा है वो सर्वदा
गरजने वाला लाल समुद्र
मिसर की घोर सेना भी
धमकाते हैं आगे पीछे
डराने के समय में
अग्नि तुझे जला न पाएगा
नदी पर तू चलेगा
अग्नि में भी आता है साथ
नदी पर भी देता हाथ
अंधेरे घाटी से तू चलने पर
ज्योति बनकर आएगा
साथी बनकर, सोटें और लाठी से
तसल्ली देगा तुझे
संसार और सब कुछ
नाश हो जाएगा
वचन रहेगा अटल
मृत्यु हटेगी
राज करेंगे हम
उसके साथ संग सर्वदा