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जिन राहों से गुज़रे हैं अब तक
है चलाया तूने ही अब तक
धन्यवाद करता तूझे मैं
अपने हाथों से थामा मुझे।
1 आशीषे है दी तूने मुझको, है बनाया जीवन नया
करू तेरी स्तुति निरंतर, तूने की है मुझपर कृपा।
2 चला जाऊँ दूर तलक मैं, तूने दी है शक्ति मुझे
हर पल जो थक सा गया मैं, है सहारा तू ही मेरा।
3 हर पल जो गुज़रतें है हर दिन, करूणा तेरी करता बयां
हर एक क्षण जीवन के हर पल, तू ही साथ है मेरे सदा।
4 वेदना मन की तूने है जाना, है दया की मुझ पर सदा
हर अंधेरी राहों में अब तक, है संभाला तूने मुझे।