हिन्दी
आपत्ति के वेला में
आनंद के वेला में
टलता नही मित्र तू
पदचिन्हों को तेरा पीछा करता हु
कुम्भार के हाथों में मिट्टी समान
देता हु मुझको तेरे हाथों में
मरोड़कर तू मुझे सिद्ध बनाना
तेरी इच्छा पर मुझे प्रभु
मेरे लिए चेद्रिथ तेरे हाथों को
मुझपर रखकर आशीष करना
तेरी आत्मा से मुझको प्रभु
अभिषेक करके अनुग्रह देना
मेरे इच्छा जैसे न चलाना
तेरी इच्छा पर मुझे लेचल
जीवन की मार्गों में बटक ना पाऊं
स्वर्गीय भवन में पोछने पाऊं