हिन्दी
1 जंगली दरख्तों के दरमियान,
एक सेब के पेड के समान
नज़र आता है मुझे ऐ मसीह,
सारे संतो के बीच में तू
हम्द करू, तेरी ऐ प्रभु
अपने जीवन भर,
इस जंगल के सफर में,
गाऊँ शुक्रगुज़ारी से मैं (2)
2 तू ही है नरगिस खास शारोन का ,
हां तू सोसन भी वादियों का
संतो से भी तू है अति पवित्र
कैसा कामिल और शान से भरा
3 इत्र के समान है तेरा नाम,
खुशबू फैलाता है जहाँ में
तंगी, मुसीबत और बदनामी में
बना खुशबुदार तेरे समान
4 घबराहट की लहरों में गर,
डूयूं दुखों के सागर में
अपने ज़ोरावर हाथ को बढ़ा
मुझे अपने सीने से लगा
5 अभी आ रहा हूँ तेरे पास,
पूरी करने को तेरी मर्जी
ताकि दे दूं मैं काम को अंजाम
पाऊं तेरे दीदार में इनाम
translation of
Adavi tharukkalinidayil oru naarakam (221)