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कुछ मिले या ना मिले प्रभु की स्तुति हो
वो बढ़े और मे घटु प्रभु की स्तुति हो
जीवन की राहों में चलता रहूँगा मैं
प्रभु की स्तुति करते हुए
सुख में रहूँ या दुख में रहूँ
प्रभु की स्तुति करूँ
कुछ मिले या ना मिले...
देने के द्वारा प्रभु की स्तुति
करता रहूँगा सदा
प्रभु के भंडार में अपना दशमांश
लेके आऊँ सदा
कुछ मिले या ना मिले...
आनेवाला है यीशु मसीहा
बादलो पर होके सवार
ले जाएगा अपने साथ मुझे
और करेगा प्यार
कुछ मिले या ना मिले...