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मैं आखें अपनी
पर्वत की ओर उठाऊंगा
मुझको है पता
सहायता तुझही से पाऊंगा
नीचे धरती
ऊपर आसमान बनाया
परमेश्वर है वो उसके गुण गाऊंगा
1 फिसले ना कदम कभी राहों में
इसी लिए मैं सोचता हूँ रातों मैं
इस्राएल का वो रखवाला
उन्घेगा ना वो सोएग
मैं आखें अपनी...
2 कष्टों से येशु मुझे बचाएगा
रक्षक बनकर प्राण संभालेगा (2)
बहार जाओ या अंदर आओ
वो ही हमेशा रक्षक होगा (2)
मैं आखें अपनी...