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तू ही है वो, जो मुझको छुड़ाता है,
तू ही है वो, जो मुझको संभालता x 2
देखता हु में जब, तेरे क्रूस की ओर
तू ही है वो, जो मुझको बचाता
मैं आझाद हु ...
मैं आझाद, तेरे लहू से हुआ हूँ - 2
तू ही है वो, जो मुझको उठाता
तू ही है वो, जो मुझको चलाता
देखता हु मैं जब, तेरे क्रूस की ओर,
तू ही है वो, जो मुझको दौड़ाता
मैं आझाद हु...
में आझाद, तेरे लहू से हुआ हूँ - x2
टूटे सारे बंधन, आझाद में हुआ हूँ
में आझाद, तेरे लहू से हुआ हूँ
मैं आझाद हु ...