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आराधना हो तुमहारी प्रभुजी पापी जीवन से
उज्वल मन हो दूर करो तुम
भर दो प्रम किरण से – 2
सर्वशक्तिमान तू ही महान तू ही ईश्वर है
हृदय के तारों मे, जीवन के साजो पे
तू ही मधुर गीत है
निर्मल हो जीवन हमारे प्रभु जी
महिमा तुम्हारी हो
सुन्दर पक्षी स्वरों मे गाते हैं गीत तुमहारे
महिमा तुमहारी यह दर्शाते सूरज चाँद सितारे
भक्ति ग्रहण हो पाप क्षमा कर
यह प्रार्थना है मन से