हिन्दी
मैं आँखें अपनी पर्वत की ओर उठाऊँगा ... (2)
मुझको है पता सहायता तुझी से पाऊँगा ... (2)
नीचे धरती उपर आसमाँ बनाया
परमेश्वर है वो, उसके गुण गाऊँगा ... (2)
मैं आँखें अपनी...
फिसले ना कदम कभी राहों में
इसीलिए मैं सोचता हूँ रातों में ... (2)
ईस्त्राएल है वो रखवाला
उँघेगा ना, वो सोएगा ... (2)
मैं आँखें अपनी...
कष्टों से यीशु मुझें बचाएगा
घाव लगते वो मुझे बचाएगा
कष्टों से यीशु मुझें निकालेगा
घाव लगते वो मुझे बचाएगा
अंदर जाऊं या बाहर जाऊं
वो मेरा मुहाफ़िज़ होगा ... (2)
मैं आँखें अपनी...