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मेरे प्रभु की सहायता से
निष्चय ही बनूँगा आशीषित मैं
उसके वचन का पालन करूँगा
उसके मार्गो पर चलता रहूँगा
1 दशे में आशीषित रहूँगा मैं,
कामों में आशीष पाता रहूँगा,
मेरे घर में कोई घटी ना होगी,
ज़रूरतें सारी पूरी होवेंगी
2 मेरे प्रभु की सामर्थ से,
मेरे शत्रु सारे नाश होवेगे,
मेरा जीवन उसका ही दान,
तन मेरा बल भी पाता रहेगा
3 जीवन साथी और सब मेरे बच्चों पर,
मेरी सपंति पर भी आशीष रहेगी,
मेरी भलाई सदा होती रहेगी,
बेटा मैं प्रभु का बना रहूँगा
4 कर्ज़ लेने का कभी मौका न होगा,
पर देने का सौभाग्य सदा रहेगा
बहुतायत से भरा रहूँगा सदा,
मेरा प्रभु मुझको ऊँचा करेगा