हिन्दी
मुश्किलें कितनी भी हो
असंभव कुछ भी नहीं
राह कितनी भी हो कठिन
मंज़िल इक दिन आएगी
कारावास या शेरों की मांद
ना रोक सके प्रभु का हाथ
हुकूमत की साजिशें
ना रोक सकी आशीषें
ये पहाड़ उखड़ जाएंगे
समुन्दर पे पड़ जाएंगे
विश्वास यदि हो अटल
जो कहोगे वो होगा सफल
विश्वास से जो बोलोगे
आँखों से वही देखोगे
विश्वास का हर वचन
पूरा होगा टलेगा नही