हिन्दी
ना छोड़ेगा ना छोड़ेगा
अकेला कभी ना छोड़ेगा
कभी नहीं कभी नहीं कभी नहीं
कभी नहीं छोड़ेगा
तूफानों में साथ है
मैदानों में साथ है
जंग उसकी वो खुदही लड़े
निशानों में साथ है
वो वादों का सच्चा है
चरवाहा अच्छा है
वो इब्तेदा और इंतेहा
अल्फा ओमेगा है
वो तन्हा रातों में
ज़िन्दगी के सन्नाटों में
हर नाउम्मीदी में
और मुश्किलातों म