मराठी
५९८. राष्ट्रगीत
जन जण मन अधिनायक जय हे
भारतभाग्यविधाता
पंजाब, सिंधू , गुजराथ, मराठा,
द्राविड, उत्कल, वंग,
विंध्य, हिमाचल, जमुना, गंगा,
उच्छल जलधि तरंग
तव शुभ नामे जागे
तव शुभ आशिष मागे
गाहे तव यश गाथा
जन गण मंगलदायक जय हे
भारतभाग्यविधाता
जय हे ... जय हे ... जय हे ...
जय जय जय जय हे ....
------ रवींद्रनाथ टागोर